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Business, India News

आरबीआई ने ब्याज दर में की कटौती, रेपो रेट घटाकर 5.5% किया गया

भारतीय रिज़र्व बैंक के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ब्याज दरों में कटौती का एलान किया है। उन्होंने बताया कि लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) के तहत पॉलिसी रेपो रेट को 0.50 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.5% कर दिया गया है। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दर को घटाकर 5.25% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट को घटाकर 5.75% कर दिया गया है। आरबीआई गवर्नर ने यह भी बताया कि यह इस साल की तीसरी रेपो रेट कटौती है। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में भी रेपो रेट में कमी की गई थी। मौद्रिक नीति समिति ने यह फैसला देश की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और महंगाई को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती से होम लोन, कार लोन और अन्य ऋणों की ब्याज दरों में राहत मिल सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कुछ कम हो सकता है।

Crime

कोलकाता की फ़ैक्ट्री में बच्चे को शारीरिक यातना देने वाला मालिक मुंबई से गिरफ़्तार, बच्चा अब भी लापता

कोलकाता की एक कपड़ों की फ़ैक्ट्री में 14 वर्षीय बच्चे के साथ शारीरिक प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद फैक्ट्री के मालिक शहंशाह अली को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें बच्चे को पीटे जाने का दृश्य कैद है। हैरानी की बात यह है कि अब भी वह बच्चा लापता है। कोलकाता पुलिस के अनुसार, अभियुक्त शहंशाह अली को रबिन्द्रनगर थाना की विशेष टीम ने मुंबई से गिरफ्तार किया। महेशतला के एसडीपीओ क़मरुज्ज़मा मोल्ला ने पुष्टि की कि पुलिस उसकी लोकेशन को ट्रैक कर रही थी और जैसे ही वो मुंबई पहुंचे, स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें धर दबोचा गया। इस मामले में पहले ही दो अन्य अभियुक्त – तौहीद आलम और मुस्तफ़ा कमाल – को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें वायरल वीडियो में देखा जा सकता है। पीड़ित बच्चा पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले के इस्लामपुर के छोगोरिया कस्बे का निवासी है। बच्चे के पिता दिल मोहम्मद ने बताया कि आरोपी शहंशाह अली खुद उनके बेटे को एक माह पहले काम के बहाने लेकर गए थे। आरोपी की फैक्ट्री में जींस डाई करने का काम होता है, जहां बच्चे पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया गया था। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने एनएच-33 पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और बच्चे को ढूंढ़ने की मांग की। बच्चे के पास कोई मोबाइल न होने की वजह से उसकी तलाश में पुलिस को मुश्किलें आ रही हैं। कोलकाता के रबिन्द्रनगर थाने में एक नई टीम गठित कर बच्चे की खोजबीन जारी है। शहंशाह अली को कोलकाता लाकर रबिन्द्रनगर पुलिस पूछताछ करेगी। इस मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई हैं – एक कोलकाता में और दूसरी इस्लामपुर के पातागोडा थाने में। यह मामला बाल शोषण, मानवाधिकार उल्लंघन और बाल श्रम के गंभीर सवाल खड़े करता है।

Entertainment

22 साल की टीवी एक्ट्रेस गुपचुप करेंगी सगाई? वायरल तस्वीरों का सच आया सामने

मुंबई।‘तुझसे है राब्ता’ और ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ जैसे मशहूर टीवी शोज़ में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस रीम शेख इन दिनों एक खास अफवाह को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 22 वर्षीय रीम ने जयपुर में एक्टर कृष गुप्ता के साथ गुपचुप सगाई कर ली है। एक साथ देखे जाने और वायरल तस्वीरों के बाद ये खबर तेजी से फैली, लेकिन अब रीम शेख ने खुद इस पर प्रतिक्रिया दी है। रीम शेख ने सगाई की खबरों को बताया ‘गपशप’ रीम शेख ने इंडिया फोरम्स से बातचीत में इन अफवाहों को पूरी तरह नकारते हुए कहा, “यह सिर्फ गपशप है, मैं सगाई नहीं कर रही हूं।” वायरल फोटो में रीम और कृष को साथ में जयपुर में देखा गया था, जिससे कयासों को और हवा मिली। हालांकि, एक्ट्रेस के बयान से साफ है कि फिलहाल उनकी सगाई या शादी की कोई योजना नहीं है। रीम का टूटा परिवार और संघर्ष भरा बचपन हाल ही में रीम ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में बताया कि चार साल पहले उनके माता-पिता का तलाक हो गया था।उन्होंने कहा कि इस पारिवारिक टूटन ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया।रीम के मुताबिक, “जब घर में शोर और गुस्सा हो, तो एक बच्चा डरा रहता है और खुद को अकेला महसूस करता है।” वह खुद को ‘तारे ज़मीन पर’ की बच्ची मानती थीं और आत्मविश्वास की कमी के कारण लंबे समय तक इंडस्ट्री में खुद को अभिव्यक्त नहीं कर पाईं। खाना बनाना भी है रीम की खासियत रीम शेख इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो ‘Laughter Chefs: Unlimited Entertainment’ Season 2 में नजर आ रही हैं।इस शो में उनकी जोड़ी फेमस टीवी एक्टर एली गोनी के साथ है। खाना बनाने के साथ हंसी-मज़ाक का ये शो दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

Sports

RCB और पंजाब किंग्स के पास क्वालीफायर-1 खेलने का मौका, गुजरात टाइटंस पर मंडराया खतरा

आईपीएल 2025 के प्लेऑफ की चारों टीमें तय हो चुकी हैं, लेकिन क्वालीफायर-1 में कौन सी दो टीमें खेलेंगी, इसका फैसला अब भी बचा है। मौजूदा हालात को देखते हुए रजत पाटीदार की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और पंजाब किंग्स के पास टॉप-2 में पहुंचने का बड़ा मौका है, जबकि गुजरात टाइटंस की स्थिति खतरे में है। गुजरात टाइटंस की हार से बढ़ी टॉप-2 से बाहर होने की संभावना गुजरात टाइटंस को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 33 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद उसकी टॉप-2 में बने रहने की संभावनाएं कम हो गई हैं।वर्तमान में गुजरात की टीम 13 मैचों में 9 जीत और 4 हार के साथ 18 अंकों पर है और उसका नेट रन रेट +0.602 है।अब उसका अंतिम मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ बचा हुआ है। अगर वह यह मैच जीत भी लेती है, तो भी उसके 20 अंक ही होंगे। RCB और पंजाब किंग्स का शानदार प्रदर्शन ✅ RCB (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर): ✅ पंजाब किंग्स: अगर दोनों टीमें अपने बचे दोनों मैच जीत जाती हैं, तो उनके 21-21 अंक हो जाएंगे और वे प्वाइंट्स टेबल के टॉप-2 में जगह बना लेंगी। ऐसे में गुजरात टाइटंस टॉप-2 से बाहर हो जाएगी, भले ही वह CSK को हरा दे। क्वालीफायर-1 का मतलब क्या है? आईपीएल फॉर्मेट के अनुसार, प्वाइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमें क्वालीफायर-1 खेलती हैं। यही कारण है कि सभी टीमें टॉप-2 में जगह बनाने की दौड़ में लगी रहती हैं, ताकि उन्हें फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिल सकें।

Foreign News

ब्रिटेन में यौन अपराधियों को बनाया जाएगा ‘नपुंसक’, जेलों की भीड़ से निपटने के लिए उठाया गया हैरान करने वाला कदम

लंदन।ब्रिटेन सरकार ने यौन अपराधियों पर नियंत्रण पाने और जेलों में भीड़ कम करने के उद्देश्य से ‘केमिकल कास्ट्रेशन’ (रासायनिक बंध्याकरण) योजना लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत यौन अपराधियों को ऐसी दवाइयां दी जाएंगी, जिससे उनकी यौन इच्छाएं नियंत्रित हो जाएं।सरकार का मानना है कि इससे दोबारा अपराध करने की संभावना घटेगी और जेल व्यवस्था पर दबाव कम होगा। 20 जेलों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट, विचार अनिवार्यता पर भी ब्रिटेन की न्याय मंत्री शबाना महमूद ने संसद में जानकारी दी कि यह योजना प्रारंभिक तौर पर 2 क्षेत्रों की 20 जेलों में शुरू की जाएगी। सरकार इसे अनिवार्य बनाने पर भी विचार कर रही है।उन्होंने कहा, “यह जरूरी है कि इस प्रक्रिया के साथ-साथ अपराधियों को मानसिक इलाज भी मिले, ताकि उनके अपराध की जड़ में मौजूद ‘ताकत और नियंत्रण की चाहत’ को भी खत्म किया जा सके।” केमिकल कास्ट्रेशन: क्या है और कितनी है कारगरता? ‘केमिकल कास्ट्रेशन’ में अपराधियों को ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जो टेस्टोस्टेरोन स्तर को घटा देती हैं और उनकी यौन इच्छाओं को दबा देती हैं।हालांकि यह तरीका उन अपराधियों पर ज्यादा प्रभावी नहीं होता, जो यौन अपराध को ‘पावर और कंट्रोल’ के माध्यम से अंजाम देते हैं। फिर भी अध्ययनों के अनुसार, इससे 60% तक दोबारा अपराध की दर में गिरावट देखी गई है। यह तरीका जर्मनी और डेनमार्क में स्वैच्छिक, जबकि पोलैंड में कुछ अपराधियों के लिए अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। पुरानी सरकार पर हमलावर हुईं शबाना महमूद शबाना महमूद ने इस योजना की पृष्ठभूमि में बताया कि यह पूर्व न्याय मंत्री डेविड गॉक की अगुवाई वाली समीक्षा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य था जेल व्यवस्था को सुधारना और अपराध दर को कम करना। उन्होंने पिछली कंजर्वेटिव सरकार पर आरोप लगाया कि उसने न्याय व्यवस्था को लंबे समय तक नजरअंदाज किया, जिसकी वजह से जेलों में अत्यधिक भीड़ हो गई है।उन्होंने चेताया कि अगर जेलों में जगह नहीं बची, तो पुलिस को गिरफ्तारियां रोकनी पड़ेंगी और अपराधी खुलेआम घूमते रहेंगे। सिफारिशें: कम सजा वालों को रिहाई, विदेशी अपराधियों को निर्वासन समीक्षा रिपोर्ट में अन्य सिफारिशें भी की गई हैं: हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी के प्रवक्ता रॉबर्ट जेनरिक ने चेतावनी दी कि इससे चोरी और हमले जैसे अपराध ‘गंभीरता’ की श्रेणी से बाहर हो सकते हैं। जेलों की स्थिति: 90,000 कैदियों से जूझता ब्रिटेन ब्रिटेन की जेलों में बंद कैदियों की संख्या पिछले 30 वर्षों में दोगुनी हो चुकी है और अब यह आंकड़ा 90,000 के करीब पहुंच चुका है, जबकि अपराध की दर में गिरावट आई है।शबाना महमूद ने कहा, “हमने 19वीं सदी के बाद जेलों का सबसे बड़ा विस्तार शुरू किया है और साथ ही अपराधियों के पुनर्वास पर भी जोर दे रहे हैं।”

Foreign News

रूस में बाल-बाल बचा भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल, फ्लाइट की लैंडिंग से ठीक पहले हुआ ड्रोन हमला

मॉस्कोऑपरेशन सिंदूर के तहत अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान पर रूस पहुंचे भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गया। डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात मॉस्को पहुंचा, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले रूसी हवाई क्षेत्र में ड्रोन हमले शुरू हो गए। हालांकि पायलट की सतर्कता और रूस के एयर ट्रैफिक कंट्रोल की निगरानी में विमान को करीब 45 मिनट तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा, जिसके बाद फ्लाइट सुरक्षित रूप से डोमोडेडोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर सकी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश दौरे पर भारतीय सांसद ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों पर किया गया एक विशेष सैन्य अभियान है।इस अभियान के बाद भारत ने दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ माहौल तैयार करने और सहयोग जुटाने के उद्देश्य से पांच देशों में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भेजा। इसी क्रम में डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में भारत का यह पहला बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल रूस पहुंचा, जिसका मकसद सीमा पार आतंकवाद पर वैश्विक समुदाय को जागरूक करना है। लैंडिंग से पहले ड्रोन अटैक, बाल-बाल बचे सांसद कनिमोझी के करीबी सूत्रों ने बताया कि “फ्लाइट को लैंडिंग से पहले आसमान में कई बार चक्कर लगाना पड़ा क्योंकि उस वक्त यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों की सूचना मिली थी। सुरक्षा कारणों से लैंडिंग को टाल दिया गया। लगभग 45 मिनट की देरी के बाद विमान सुरक्षित लैंड कर गया। सभी सदस्य सुरक्षित हैं।” डोमोडेडोवो एयरपोर्ट पर हुआ गर्मजोशी से स्वागत विमान के सुरक्षित उतरने के बाद भारतीय राजदूत विनय कुमार और अन्य अधिकारियों ने कनिमोझी और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों का मॉस्को एयरपोर्ट पर स्वागत किया।यह दौरा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को वैश्विक मंचों पर स्पष्ट और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। पृष्ठभूमि: पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर यह दौरा उस समय हो रहा है जब एक महीने पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकी ठिकानों पर करारा हमला किया और अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन जुटाने की कोशिश जारी है। निष्कर्ष रूस की राजधानी में भारतीय सांसदों के डेलिगेशन पर संभावित खतरा और उसके बाद की सुरक्षित लैंडिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत वैश्विक आतंकवाद के मुद्दे को लेकर गंभीर और सशक्त भूमिका निभा रहा है।यह दौरा भारत के कूटनीतिक और सैन्य रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय समर्थन को और मजबूत करेगा।

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27 नक्सलियों के ढेर होने के बाद सुरक्षाबलों ने मनाया जश्न, महिला जवानों ने उड़ाया गुलाल | देखें वीडियो

नारायणपुर/बस्तर।छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। 18 मई से जारी ऑपरेशन के तहत 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया, जिसमें महिला नक्सली और टॉप कमांडर भी शामिल हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद जब जवान लौटे, तो उन्होंने गुलाल उड़ाकर और नाच-गाकर जश्न मनाया। वायरल हो रहे वीडियो में महिला जवान भी खुशी के रंगों में सराबोर नजर आ रही हैं। बसवराजू और जंगू नवीन जैसे इनामी नक्सली मारे गए अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए नक्सलियों में शामिल हैं: ये सभी बेहद खूंखार और वांछित नक्सली थे। शहीद हुए दो वीर जवान इस तीन दिवसीय ऑपरेशन के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी के दो जवान भी वीरगति को प्राप्त हुए।मुख्य मुठभेड़ 21 मई को सुबह हुई थी, जिसमें दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने दी जानकारी बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि यह ऑपरेशन नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव की डीआरजी यूनिट्स ने संयुक्त रूप से चलाया था। मुठभेड़ के बाद बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जवानों ने मनाया विजय उत्सव | एनकाउंटर के बाद जब जवान लौटे, तो उन्होंने गुलाल उड़ाकर और ढोल नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।महिला जवानों ने भी विजय चिन्ह दिखाते हुए नृत्य किया और देश के लिए गर्व की भावना व्यक्त की।इस दृश्य को देखकर लोगों के दिल गर्व और सम्मान से भर उठे। निष्कर्ष नक्सलवाद के खिलाफ यह एतिहासिक सफलता सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और रणनीति की जीत है।27 खूंखार नक्सलियों की मौत से नक्सली नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।वहीं, जवानों की यह उत्सवपूर्ण प्रतिक्रिया पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

Chhattisgarh News, Raipur

नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए जवान को सीएम विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि, बोले- बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा

रायपुर/बीजापुर।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने रायपुर के माना स्थित 4वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उन्हें कंधा देकर अंतिम विदाई दी। सीएम का संकल्प: मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल नाश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा: “शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने राष्ट्र सेवा की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाया है।” उन्होंने यह भी कहा कि: “पिछले एक वर्ष में नक्सल विरोधी अभियान तेज़ हुए हैं। जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई सफलताएं हासिल की हैं। हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल नाश कर दिया जाए।” सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है: सीएम साय सीएम साय ने शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा: “शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है और हर संभव सहायता की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यह बलिदान देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की प्रेरणा बनेगा। शोक और सम्मान का माहौल इस श्रद्धांजलि समारोह में गृह मंत्री विजय शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, और सामान्य नागरिक मौजूद रहे।हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गर्व और ग़म के मिश्रण से भरा हुआ था। निष्कर्ष बीजापुर में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कांस्टेबल मेहुल भाई सोलंकी की शहादत को छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प, प्रदेश को एक सुरक्षित और शांत भविष्य की ओर ले जाने का संकेत देता है।

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उज्जैन: महाकाल मंदिर मार्ग पर बेगम बाग में बुलडोजर एक्शन, विरोध के बीच कई मकानों को निशाना बनाया गया

उज्जैन (मध्य प्रदेश)।धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर मार्ग पर अवैध निर्माण के खिलाफ शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलवाया।उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) ने नगर निगम और पुलिस बल के साथ मिलकर बेगम बाग क्षेत्र में तीन व्यावसायिक भवनों को ध्वस्त कर दिया। क्या है मामला? प्राधिकरण के मुताबिक ये सभी निर्माण UDA द्वारा पारित मानकों का उल्लंघन करते हुए किए गए थे। UDA अधिकारी का बयान UDA के CEO संदीप सोनी ने बताया: “यह क्षेत्र उज्जैन विकास प्राधिकरण की योजना का हिस्सा है। हमने इन संपत्तियों को डेढ़ साल पहले नोटिस दिया था और सितंबर 2024 में अंतिम आदेश भी पारित किया गया था।” उन्होंने कहा कि अब तक 28 से ज्यादा लीज निरस्त की जा चुकी हैं और आगे 50 और भूखंडों पर कार्रवाई की योजना है। महाकाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करने की तैयारी बेगम बाग मार्ग वह रास्ता है जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर तक पहुंचते हैं।इस रास्ते को चौड़ा करने की योजना के तहत प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का विरोध प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।लोगों का आरोप है कि उन्हें सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं मिला और बिना पुनर्वास योजना के कार्रवाई की जा रही है। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि यह अतिक्रमण हटाने का वैध और कानूनी कदम है। न्यायिक प्रक्रिया और कार्रवाई निष्कर्ष महाकालेश्वर मंदिर मार्ग पर अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने एक ओर जहां शहर को व्यवस्थित और नियोजित रूप देने की दिशा में कदम उठाया है, वहीं स्थानीय विरोध और पुनर्वास की कमी प्रशासन के सामने चुनौती बनकर खड़ी हो रही है।आगामी दिनों में अन्य 50 भूखंडों पर भी इसी तरह की कार्रवाई होने की संभावना है।

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बेशर्मी या चैलेंज? हावेरी गैंगरेप केस के आरोपियों ने जमानत के बाद निकाला रोड शो, वीडियो वायरल

हावेरी (कर्नाटक)।कर्नाटक के हावेरी जिले में हनागल गैंगरेप केस के सात आरोपियों द्वारा जमानत मिलने के बाद निकाले गए विजय जुलूस का वीडियो सामने आने के बाद संपूर्ण राज्य में आक्रोश फैल गया है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आरोपी हंसते हुए और विजय चिन्ह दिखाते नजर आ रहे हैं, जो न सिर्फ बेशर्मी का प्रतीक है बल्कि कानून और समाज के प्रति खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। क्या है पूरा मामला? यह घटना 2024 में हनागल की है, जहां एक अंतरधार्मिक जोड़े के होटल के कमरे में 7 लोगों ने जबरन घुसकर महिला को जंगल में घसीटकर गैंगरेप किया था।पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। किन्हें मिली जमानत? हावेरी सेशन कोर्ट ने सबूतों की कमी और पीड़िता द्वारा पहचान न कर पाने के कारण निम्नलिखित आरोपियों को जमानत दे दी: जेल से रिहा होते ही निकाला रोड शो जमानत के बाद आरोपियों ने हावेरी उप-जेल से लेकर अक्की आलूर तक कार और बाइकों के काफिले के साथ रोड शो निकाला।करीब 20 से अधिक वाहन इस जुलूस में शामिल थे।वीडियो में आरोपी कैमरे की ओर देखकर मुस्कुराते और विजय चिन्ह दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। जनता में उबाल, वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जनता और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं में गुस्से की लहर दौड़ गई है।लोगों का कहना है कि ये घटना न्याय प्रणाली की विफलता और पीड़िता के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करती है।कई लोगों ने आरोपियों की जमानत को तुरंत रद्द करने और इस तरह के बेशर्मीपूर्ण जश्न पर सख्त कानून बनाने की मांग की है। कानूनी और सामाजिक चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत के बाद ऐसे जुलूस: निष्कर्ष हावेरी गैंगरेप केस में आरोपियों का जमानत के बाद विजय जुलूस निकालना केवल न्यायिक व्यवस्था पर सवाल नहीं खड़े करता, बल्कि समाज की चेतना और सहिष्णुता पर भी गहरी चोट है।अब देखना यह है कि कर्नाटक सरकार और न्यायपालिका इस बेशर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।

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