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Foreign News

यूक्रेन में रूस का ड्रोन हमला: पैसेंजर बस पर हमला, 9 की मौत

उत्तर-पूर्वी यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में रूस के ड्रोन हमले में एक पैसेंजर बस को निशाना बनाया गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए। सुमी क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन ने शनिवार सुबह बिलोपिलिया शहर के पास इस हमले की पुष्टि की। यह हमला उस वक्त हुआ जब रूस और यूक्रेन ने 2022 के बाद पहली बार शांति वार्ता के लिए सीधे बातचीत की थी। सुमी प्रशासन ने टेलीग्राम पोस्ट में बताया, “बिलोपिलिया के नज़दीक एक दुश्मन ड्रोन द्वारा पैसेंजर बस पर हमला किया गया, जिससे नौ लोगों की मौत और चार घायल हो गए।” अभी तक रूस की सेना ने इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। तुर्की के इस्तांबुल में शुक्रवार को रूस और यूक्रेन के बीच हुई बातचीत में युद्ध समाप्ति पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई, हालांकि दोनों पक्षों ने आने वाले दिनों में एक-दूसरे को 1000 युद्धबंदियों के आदान-प्रदान पर सहमति जताई है। साल 2022 के फरवरी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया था, जो तब से जारी है।

Business

मथुरा में 90 कथित बांग्लादेशी मूल के लोग हिरासत में, पुलिस पूछताछ में जुटी

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस ने कथित रूप से बांग्लादेशी मूल के 90 लोगों को हिरासत में लिया है। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि थाना नौहझील पुलिस द्वारा खाजपुर गांव में स्थित ईंट-भट्ठों पर चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में 35 पुरुष, 27 महिलाएं और 28 बच्चे शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में इन सभी ने बांग्लादेशी मूल के होने की बात स्वीकार की है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि ये लोग करीब 3-4 महीने पहले मथुरा पहुंचे थे और इससे पहले पास के किसी अन्य राज्य में रह रहे थे। एसएसपी ने कहा कि इन सभी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। साथ ही, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को भी जानकारी दे दी गई है। अन्य एजेंसियां भी अब इन लोगों से पूछताछ कर रही हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि ये भारत में कैसे और किसके माध्यम से पहुंचे। इस कार्रवाई को अवैध प्रवासन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इनके पीछे किसी सुनियोजित नेटवर्क का हाथ है।

Sports

नीरज चोपड़ा का 90.23 मीटर थ्रो: “भारतीयों का बोझ दूर हो गया”, ऐसा क्यों कहा ओलंपिक चैंपियन ने?

नई दिल्ली / दोहा:भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने आखिरकार वो मुकाम हासिल कर लिया, जिसका इंतज़ार पूरे देश को था — 90 मीटर से लंबा थ्रो। शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग 2025 में उन्होंने 90.23 मीटर दूर भाला फेंका और अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इसके बाद उन्होंने कहा, “कई लोग सवाल करते थे कि 90 मीटर नहीं हो पाएगा… मेरा नहीं, लेकिन कहीं न कहीं भारतीयों का बोझ दूर हो गया है।“ 🏆 90 मीटर का सपना: नीरज के लिए नहीं, भारत के लिए था नीरज चोपड़ा ने यह बयान RevSportz Global को दिए इंटरव्यू में दिया।उनके अनुसार, 90 मीटर उनके लिए कोई रुकावट नहीं थी, लेकिन लोगों की लगातार उम्मीदों और सवालों ने इस आंकड़े को राष्ट्रीय प्रतीक जैसा बना दिया था। हर बार जब वह मैदान में उतरते, यह सवाल पूछा जाता — “90 मीटर कब?” 🔥 लगातार सुधार और आत्मविश्वास नीरज ने कहा, “मैं इससे और बेहतर कर सकता हूं, और इस साल करूंगा भी। पहले लगातार 88-89 मीटर तक पहुंचा, अब कोशिश करूंगा कि लगातार 90+ थ्रो करूं।” 🥈 दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन जीत दिलों की हुई इस मुकाबले में जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर थ्रो कर पहला स्थान पाया। नीरज ने खेल भावना दिखाते हुए कहा, “मैं जूलियन के लिए भी बेहद खुश हूं, उसने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है।” 🇮🇳 पीएम मोदी ने दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीरज को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।उन्होंने X (Twitter) पर लिखा: “नीरज चोपड़ा को दोहा डायमंड लीग 2025 में 90 मीटर पार करने और करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के लिए हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनकी मेहनत, अनुशासन और जुनून का परिणाम है।” 📊 क्या है इस थ्रो का महत्व? मील का पत्थर विवरण पहली बार 90+ नीरज ने पहली बार 90 मीटर से लंबा भाला फेंका भारतीय रिकॉर्ड यह नीरज का अब तक का करियर बेस्ट थ्रो है मानसिक दबाव इस आंकड़े ने उन आलोचकों को जवाब दिया जो कहते थे कि नीरज “अभी तक 90 नहीं पार कर पाए” ✅ निष्कर्ष: नीरज चोपड़ा का 90.23 मीटर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है — यह भारत की उम्मीदों, आलोचकों की चुनौती और एक एथलीट के आत्मविश्वास का प्रतीक है। जब नीरज ने कहा “भारतीयों का बोझ दूर हो गया,” तो उन्होंने सिर्फ एक थ्रो नहीं किया, बल्कि एक राष्ट्रीय दबाव को भी पीछे छोड़ दिया। अगर आप चाहें तो मैं इस खबर के लिए सोशल मीडिया रील स्क्रिप्ट, इंग्लिश SEO मेटा डेटा या ग्राफिकल स्लाइड्स भी तैयार कर सकता हूँ।

Foreign News

ट्रंप का एपल को भारत छोड़ने का निर्देश, लेकिन क्या भारत में पैर जमा चुकी कंपनी पीछे हटेगी?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चर्चा में आने वाला बयान दिया है। इस बार निशाने पर है दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक — एपल। ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक से भारत में आईफोन निर्माण बंद करने को कहा है। उनके मुताबिक, भारत एक उच्च टैरिफ लगाने वाला देश है और अमेरिका को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। दोहा में दिया चौंकाने वाला बयान दोहा में एक बिजनेस इवेंट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने टिम से कहा कि अगर तुम भारत के बाज़ार के लिए भारत में प्रोडक्शन करना चाहते हो, तो करो, लेकिन अगर अमेरिका के लिए बनाना है तो अमेरिका में ही बनाओ। भारत अपना ख्याल खुद रख सकता है।” ट्रंप का तर्क: “हमने सहा चीन, भारत नहीं” ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि अमेरिका ने चीन में एपल की मैन्युफैक्चरिंग को वर्षों तक झेला, लेकिन अब वे चाहते हैं कि अमेरिका को आर्थिक प्राथमिकता दी जाए। उनके मुताबिक, भारत ने अमेरिका को ज़ीरो टैरिफ़ समझौते की पेशकश की है, हालांकि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि बातचीत अभी जारी है और कोई भी निष्कर्ष अभी तय नहीं हुआ है। क्या एपल सच में भारत छोड़ सकता है? भारत में निवेश बढ़ा रही है एपल एपल ने हाल के वर्षों में भारत में उत्पादन तेज़ी से बढ़ाया है। 2023 में कंपनी ने आईफोन 15 की असेंबली भारत में शुरू की और अब एपल भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में निवेश की भी घोषणा टिम कुक ने हाल में बयान दिया था कि कंपनी अगले चार वर्षों में अमेरिका में $500 बिलियन का निवेश करेगी। इससे साफ है कि एपल दोनों देशों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। कूटनीति या दबाव की रणनीति? डोनाल्ड ट्रंप पहले भी व्यापार को कूटनीति का हथियार बता चुके हैं। 2024 में राष्ट्रपति चुनाव के संभावित उम्मीदवार ट्रंप के इस बयान को चुनावी राजनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि एपल जैसी वैश्विक कंपनी किसी एक देश के दबाव में रणनीति नहीं बदलती।

Entertainment

जन्मदिन से पहले जूनियर एनटीआर को मिलेगा वॉर-2 का सरप्राइज? ऋतिक रोशन ने दिया बड़ा हिंट

भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज सितारे — ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर, जल्द ही बहुप्रतीक्षित एक्शन फिल्म वॉर 2 में एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। इस फिल्म को लेकर फैंस जितने उत्साहित हैं, उतनी ही चर्चाएं अब फिल्म से जुड़े सरप्राइज को लेकर भी हो रही हैं। ऋतिक का सरप्राइज पोस्ट वायरल आज ऋतिक रोशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने जूनियर एनटीआर को 20 मई के लिए एक धमाकेदार सरप्राइज की बात कही। उन्होंने लिखा, “अरे @tarak9999, क्या आपको पता है कि इस साल 20 मई को क्या होने वाला है? मेरा विश्वास करो आपको कोई अंदाजा नहीं है कि आगे क्या होने वाला है। तैयार हो?” गौरतलब है कि 20 मई को जूनियर एनटीआर का जन्मदिन है। ऋतिक की इस पोस्ट से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि ‘वॉर 2’ का टीजर या कोई बड़ी अनाउंसमेंट उसी दिन हो सकती है। वॉर 2: दो सुपरस्टार्स की टक्कर वॉर 2, YRF स्पाई यूनिवर्स की छठी फिल्म है और इसे अयान मुखर्जी निर्देशित कर रहे हैं। फिल्म 14 अगस्त 2025 को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी। इसमें ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर के बीच जबरदस्त एक्शन और टक्कर देखने को मिलेगी। फैंस का बढ़ता क्रेज ऋतिक की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की एक्साइटमेंट दोगुनी हो गई है। कई यूजर्स ने कमेंट कर लिखा, “Can’t wait for 20th May!” और “War 2 teaser incoming?” जिससे माहौल और भी गर्म हो गया है। इन प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं सितारे

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भारतीय व्यापारियों ने किया तुर्की और अज़रबैजान के व्यापार का बहिष्कार, CAIT ने किया बड़ा ऐलान

भारत के व्यापारिक समुदाय ने तुर्की और अज़रबैजान के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों के साथ हर प्रकार के व्यापार और व्यावसायिक संबंधों का पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की है। दिल्ली में आयोजित कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। 🔹 भारत विरोधी रुख के खिलाफ सख्त रुख CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया ने कहा कि व्यापारिक समुदाय ने दोनों देशों की नीतियों को भारत विरोधी करार देते हुए अपने असंतोष और नाराजगी को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है। इस बहिष्कार में व्यापार, निवेश, यात्रा और पर्यटन जैसे सभी क्षेत्र शामिल होंगे। फिल्म उद्योग और कॉरपोरेट हाउसेज को भी चेतावनी सम्मेलन में व्यापारियों ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से अपील की कि वे तुर्की और अज़रबैजान में किसी प्रकार की शूटिंग न करें। यदि कोई फिल्म वहां शूट होती है, तो व्यापारी और आम जनता उसका बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही, कॉरपोरेट कंपनियों से भी अपील की गई कि वे अपने उत्पादों के प्रमोशन के लिए इन देशों में शूटिंग न करें। पाकिस्तान को समर्थन देने पर नाराजगी इस फैसले के पीछे तुर्की और अज़रबैजान द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में हालिया बयानबाज़ी और समर्थन को मुख्य कारण बताया गया है। सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों ने कहा कि जब भारत गंभीर सुरक्षा संकट से गुजर रहा था, तब इन देशों द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करना एक प्रकार का कूटनीतिक विश्वासघात है। मोदी सरकार के साथ एकजुटता देशभर के 24 राज्यों से आए 125 से अधिक शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए, उन सभी ताकतों का विरोध करने का संकल्प लिया जो भारत के खिलाफ खड़ी हैं। खंडेलवाल का तीखा बयान CAIT के महासचिव और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तुर्की और अज़रबैजान ने भारत की सद्भावना और समर्थन का फायदा उठाकर अब पाकिस्तान का पक्ष लिया है। यह भारत की संप्रभुता और 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं पर आघात है।”

Foreign News

3 साल बाद इस्तांबुल में आमने-सामने होंगे रूस-यूक्रेन, शांति वार्ता पर होगी चर्चा

इस्तांबुल, फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहली बार प्रत्यक्ष रूप से आमने-सामने बैठने जा रहे हैं। तुर्किये के इस्तांबुल में शुक्रवार को होने वाली इस बैठक में शांति स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह वार्ता तुर्किये की मध्यस्थता में हो रही है और इसे एक अहम कूटनीतिक पहल माना जा रहा है, हालांकि युद्ध के तत्काल समाधान की उम्मीदें बेहद सीमित हैं। कौन कर रहा है नेतृत्व? इस वार्ता में यूक्रेन की ओर से रक्षा मंत्री रुस्तेम उमेरोव प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि रूस की ओर से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेदिंस्की शामिल होंगे। यह पहली बार है कि दोनों पक्ष एक ही मंच पर आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे। इससे पहले वार्ताएं केवल ऑनलाइन या तीसरे पक्ष की मध्यस्थता में हुई थीं। पुतिन ने ज़ेलेंस्की से मुलाकात का प्रस्ताव ठुकराया शांति प्रक्रिया को उस समय झटका लगा जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से सीधी मुलाकात का प्रस्ताव ठुकरा दिया। विश्लेषकों के मुताबिक ऐसी बैठक की संभावना पहले से ही कम थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से समाप्त होती दिख रही है। युद्धविराम पर भी नहीं बनी सहमति अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा प्रस्तावित 30-दिन के युद्धविराम को यूक्रेन ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है, लेकिन रूस ने इस पर कई कठोर शर्तें जोड़कर इसे अस्वीकार कर दिया है। इससे वार्ता की सफलता को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। युद्ध का संक्षिप्त इतिहास रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था। इसमें अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों नागरिक विस्थापित हुए हैं। युद्ध के शुरुआती महीनों में कीव, मारियुपोल, बखमुत और खारकीव जैसे शहर सबसे अधिक प्रभावित हुए। हालांकि इस्तांबुल वार्ता से किसी तत्काल समाधान की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसे एक राजनयिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है जो भविष्य में स्थायी समाधान की नींव रख सकती है।

Chhattisgarh News, Raipur

मधुमक्खियों के हमले में शहीद हुआ K9 रोलो, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई

छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा हिल्स (KGH) में चल रहे एक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की 228वीं बटालियन में तैनात K9 रोलो की मधुमक्खियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। तलाशी अभियान में शामिल इस प्रशिक्षित सैन्य डॉग को गार्ड ऑफ ऑनर देकर भावपूर्ण विदाई दी गई। क्या हुआ अभियान के दौरान? 5 अप्रैल 2023 को जन्मा K9 रोलो डीबीटीएस में प्रशिक्षित किया गया था और अप्रैल 2024 में ही सीआरपीएफ के साथ ड्यूटी पर तैनात हुआ था। रोलो विस्फोटक पहचानने, तलाशी अभियान और हमले जैसी विशेष क्षमताओं से लैस था। 14 मई को कर्रेगुट्टा हिल्स में तलाशी अभियान के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। जवानों ने रोलो को प्लास्टिक शीट से ढकने की कोशिश की, लेकिन मधुमक्खियां उसके अंदर घुस गईं और उसे बुरी तरह काट लिया। बचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सका रोलो हमले के तुरंत बाद रोलो को प्राथमिक चिकित्सा दी गई और पशु चिकित्सक तक पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पशु चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई CRPF जवानों ने अपने इस वफादार साथी को सेना की तरह गार्ड ऑफ ऑनर के साथ श्रद्धांजलि दी। पूरा बटालियन परिसर भावुक माहौल में गूंज उठा। K9 रोलो की सेवा और शहादत CRPF की ओर से बताया गया कि K9 रोलो ने अल्प समय में ही कई अभियानों में सफलतापूर्वक हिस्सा लिया था। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोलो ने तलाशी और विस्फोटक खोज में अहम भूमिका निभाई थी।

Technology

iPhone 15 Plus मात्र ₹18,750 में! Flipkart पर भारी छूट और एक्सचेंज ऑफर से बंपर डील का मौका

अगर आप नया iPhone 15 Plus खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेशकीमती साबित हो सकता है। Flipkart पर अब यह प्रीमियम स्मार्टफोन आपको लगभग ₹18,750 में मिल सकता है, वो भी किसी फ्लैश सेल के बिना। फ्लिपकार्ट पर चल रही एक्सचेंज और बैंक ऑफर्स की बदौलत आप यह iPhone बेहद कम कीमत में घर ला सकते हैं। iPhone 15 Plus: जानिए कीमत और ऑफर्स Flipkart पर iPhone 15 Plus की मूल कीमत ₹79,900 है। लेकिन इस पर आपको मिल रहे हैं शानदार ऑफर: अगर आपके पुराने फोन की कंडीशन अच्छी है और आपको एक्सचेंज का अधिकतम मूल्य मिल जाता है, तो आप iPhone 15 Plus को सिर्फ ₹18,750 में खरीद सकते हैं। क्यों खरीदें iPhone 15 Plus? यह फोन OTT स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। ध्यान देने योग्य बातें

India News

सेना के अपमान का आरोप: कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा से इस्तीफे की मांग की

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने उनके बयान को “सेना के शौर्य का अपमान” बताते हुए इस्तीफ़े की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि यह बयान भारतीय सेना के मनोबल को ठेस पहुंचाने वाला है। क्या कहा था डिप्टी सीएम देवड़ा ने? जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा: “पूरा देश, देश की वो सेना, वो सैनिक… उनके चरणों में नतमस्तक हैं. उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, कम है.“ इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा यह कहना कि “सेना प्रधानमंत्री के चरणों में नतमस्तक है”, सेना के स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक चरित्र का अपमान है। कांग्रेस का हमला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा: “बीजेपी नेता बार-बार सेना का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं. विजय शाह के बयान के बाद अब देवड़ा का यह बयान सेना की गरिमा को ठेस पहुंचाता है.“ सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “यह सेना के शौर्य पराक्रम का घोर अपमान है. माफ़ी से काम नहीं चलेगा. इस आदमी को बर्ख़ास्त करना ही पड़ेगा मोदी जी.“ बीजेपी का बचाव बीजेपी प्रवक्ता आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेता बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा: “जगदीश देवड़ा ने सेना के प्रति सम्मान जताया है, न कि अपमान. कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए सेना को विवाद में घसीट रही है.“ पृष्ठभूमि यह विवाद उस वक्त गहरा गया है जब कुछ दिन पहले बीजेपी मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफ़िया कुरैशी पर की गई टिप्पणी पहले ही विरोध के केंद्र में थी। हाईकोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब डिप्टी सीएम के बयान ने कांग्रेस को और आक्रामक बना दिया है।

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