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पीएम मोदी बोले: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब भारत का न्यू नॉर्मल, तीन सूत्रों में दी नई सुरक्षा नीति

आदमपुर (पंजाब) – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 13 मई को पंजाब के आदमपुर एयरबेस पर सैनिकों को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की सुरक्षा नीति का नया मानक करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश की नीति, नीयत और निर्णय में कोई भ्रम नहीं है – आतंकवाद के हर हमले का निर्णायक जवाब मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक क्षमता का प्रतीक पीएम मोदी ने कहा: “ऑपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं है, यह भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की त्रिवेणी है। अब ऑपरेशन सिंदूर भारत का न्यू नॉर्मल है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन की गूंज आज हर कोने में सुनाई दे रही है और पूरा देश अपने जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ है। पीएम मोदी के तीन सुरक्षा सूत्र प्रधानमंत्री ने देश की नई सुरक्षा नीति को तीन सूत्रों में स्पष्ट किया: ऑपरेशन की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें कई जवान और नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में 6-7 मई की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक और निर्णायक हमला किया। इस अभियान को ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। ‘नई नीति, नया आत्मविश्वास’ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह बयान भारत की नई सैन्य सोच और आत्मविश्वास को दर्शाता है, जहां रणनीति अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पहल पर आधारित है।

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पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद चार बड़े संदेश

नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ हुई सैन्य कार्रवाई और भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति को लेकर चार अहम संदेश दिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक ‘नया सामान्य’ (New Normal) स्थापित किया है। यह भाषण पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के भीतर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में की गई मिसाइल कार्रवाई के पाँच दिन बाद आया है। उस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा: “हमने सिर्फ़ हमला नहीं रोका है, बल्कि यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत हर कदम को पाकिस्तान के रवैये के आधार पर तय करेगा।” पीएम मोदी के भाषण के चार बड़े संदेश: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेत राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भाषण घरेलू असंतोष को शांत करने की भी एक कोशिश थी, खासकर उन समर्थकों के लिए जो पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को आगे न बढ़ाने से नाराज़ थे। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका ने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम उसकी मध्यस्थता का परिणाम था, लेकिन भारत ने इस पर चुप्पी बनाए रखी।

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‘जब युद्ध की ध्वनि हमारे कानों में…’ सेना के शौर्य पर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, बाबूजी की कविता की गूंज

देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े राष्ट्रवाद और सैन्य सम्मान के माहौल में बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने भी अपने भावों को साझा किया। मंगलवार को उन्होंने अपने पिता, हरिवंश राय बच्चन की प्रेरणात्मक कविता को सोशल मीडिया पर साझा कर भारतीय सेना को सलाम किया। बाबूजी की कविता की पंक्तियां फिर गूंजीं अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा: “T 5377(i) – जय हिंद जय हिंद की सेना।” इसके साथ उन्होंने अपने पिता की एक कविता की तस्वीर साझा की और लिखा: “पूज्य बाबूजी के शब्द गूंजते हैं… जोर से और स्पष्ट… और देश के हर कोने से प्रतिध्वनि में लौटते हैं।” उन्होंने कविता की कुछ दमदार पंक्तियाँ भी साझा कीं, जिनमें देशभक्त सैनिकों का आह्वान था: “दांत भींच लो… खड़े हो जाओ और आगे बढ़ो… अगर तुम्हें बोलना है तो तुम्हारे थप्पड़ों की आवाज दुश्मन के चेहरे पर दर्ज हो!” ‘बाघ की तरह व्यवहार करो’ बच्चन ने शांति और युद्ध के भावों को दर्शाते हुए लिखा: “शांति में संयम और विनम्रता महान है… लेकिन जब युद्ध की गूंज उठे, तो बाघ की तरह व्यवहार करो… रक्त को समेटो, आंखों से प्रहार करो जैसे ब्रह्मोस की तीव्रता हो।” उन्होंने अपने पोस्ट का समापन राष्ट्रप्रेम से भरे शब्दों से किया: “भारत माता की जय। वंदे मातरम।” पीएम मोदी के भाषण के बाद पोस्ट यह पोस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दिए गए राष्ट्रीय संबोधन के बाद सामने आया, जिसमें पीएम ने भारतीय सेना की कार्रवाई को ‘न्यू नॉर्मल’ बताया था। इस संदर्भ में अमिताभ बच्चन का यह पोस्ट लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और गर्व की भावना को और अधिक मजबूत करता है। आने वाली फिल्मों में व्यस्त हैं अमिताभ वर्कफ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म ‘वेट्टैयान’ में नजर आएंगे, जिसमें उनके साथ रजनीकांत और फहाद फासिल भी हैं। इसके अलावा वे दीपिका पादुकोण और नीना गुप्ता के साथ फिल्म ‘द इंटर्न’ में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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समय से पहले मॉनसून देगा दस्तक: मौसम विभाग का बड़ा अपडेट, 27 मई को केरल पहुंचने की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के समय से पहले आगमन की संभावना जताई है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो 2009 के बाद यह पहला मौका होगा जब मॉनसून तय तारीख से पहले भारतीय उपमहाद्वीप पर दस्तक देगा। कहां तक पहुंचा मॉनसून? आईएमडी के मुताबिक, मॉनसून बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग, अंडमान सागर के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों, और निकोबार द्वीपसमूह में आगे बढ़ रहा है। विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा, पश्चिमी हवाओं की मजबूती, और ओएलआर (Outgoing Longwave Radiation) में गिरावट जैसी स्थितियाँ मॉनसून के आगमन के लिए अनुकूल हैं। 27 मई को केरल में दस्तक की संभावना आमतौर पर मॉनसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 27 मई को ही पहुंचने की संभावना जताई गई है। वर्ष 2009 में मॉनसून 23 मई को केरल पहुंचा था। इस लिहाज से 2025 एक ऐतिहासिक वर्ष बन सकता है। अगले 3-4 दिनों में कहां पहुंचेगा मॉनसून? आईएमडी ने आगे बताया कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून इन क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है: सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना अप्रैल में आईएमडी ने 2025 के मॉनसून को लेकर यह भी पूर्वानुमान जारी किया था कि इस वर्ष सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। साथ ही, ‘अल नीनो’ के प्रभाव की संभावना को भी खारिज कर दिया गया है। भारत के लिए मॉनसून का महत्व मॉनसून भारतीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रेखा के समान है: अगर समय से पहले और सामान्य से अधिक मॉनसून आता है, तो यह खेती, पीने के पानी, और बिजली संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए राहत की खबर हो सकती है।

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संघर्षविराम के बाद श्रीनगर में हालात सामान्य, स्कूलों में फिर गूंजने लगी बच्चों की आवाज़

श्रीनगर/जम्मू — भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्षविराम के बाद जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। श्रीनगर में हालात अब सामान्य हो रहे हैं और मंगलवार से स्कूलों को दोबारा खोल दिया गया है। बीबीसी संवाददाता माजिद जहांगीर के अनुसार, “श्रीनगर में जनजीवन सामान्य हो रहा है, छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हुए दिखाई दिए।” वहीं दूसरी ओर, बारामुला ज़िले के सीमावर्ती उरी और सांबा सेक्टर जैसे कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में स्कूल अभी भी बंद हैं। रियासी और पुंछ जैसे इलाकों में भी स्थिति में सुधार देखा गया है। पुंछ, जो हाल ही में भारी गोलाबारी का गवाह बना था, वहां अब बाजार खुलने लगे हैं और लोग सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं। हालांकि सुरक्षा सतर्कता अभी भी बनी हुई है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार रात को सांबा सेक्टर में धमाके की आवाज़ सुनाई दी थी। सेना ने जानकारी दी कि इलाके में कुछ ड्रोन की गतिविधि देखी गई जिसे निष्क्रिय कर दिया गया है। सेना ने लोगों से चिंता न करने की अपील की है। उम्मीद की किरण सीज़फ़ायर के बाद जिस तरह घाटी में शांति बहाल हो रही है, वह आम नागरिकों के लिए राहत की बात है। खासकर बच्चों के लिए स्कूल खुलना और पढ़ाई में वापसी, इस संकटपूर्ण दौर के बाद एक सकारात्मक संकेत है।

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पाकिस्तान ने माना: भारत के हमलों में स्क्वाड्रन लीडर समेत 11 जवानों की मौत

इस्लामाबाद/नई दिल्ली — भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान ने अपने नुकसान की आधिकारिक पुष्टि की है। पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि भारत के साथ संघर्ष में पाकिस्तान एयरफोर्स के एक स्क्वाड्रन लीडर समेत 11 जवान मारे गए हैं। बयान के मुताबिक, 10 मई को भारतीय हमलों में वायु सेना के 5 जवान और सेना के 6 अन्य सैन्यकर्मी मारे गए। इससे पहले 6-7 मई की रात भारत द्वारा किए गए हमलों में सात महिलाओं और 15 बच्चों समेत 40 नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि 121 लोग घायल हुए, जिनमें 10 महिलाएं और 27 बच्चे शामिल हैं। चार दिन चला संघर्ष, अब युद्धविराम लगभग चार दिनों तक चला भारत-पाकिस्तान संघर्ष शनिवार को संघर्षविराम (सीज़फायर) की घोषणा के साथ समाप्त हुआ। भारत और पाकिस्तान दोनों ने बातचीत के जरिए तनाव कम करने की दिशा में पहल की है। इस बीच, भारत की ओर से सीआईएसएफ़ मुख्यालय ने सोमवार को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत के आठ सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। हालिया घटनाक्रम से यह साफ है कि संघर्ष में दोनों देशों को सैन्य और नागरिक दोनों स्तरों पर भारी क्षति हुई है, हालांकि अब युद्धविराम की घोषणा के बाद कूटनीतिक प्रयास तेज़ हो गए हैं।

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Gold Price Today: अमेरिका-चीन समझौते का असर, सोना ₹94,000 के नीचे फिसला

नई दिल्ली – अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। MCX पर जून वायदा सोना ₹2,600 प्रति 10 ग्राम की भारी गिरावट के साथ ₹94,000 के नीचे आ गया है। इंट्राडे में यह भाव ₹93,920 तक फिसल गया, जबकि पिछली क्लोजिंग ₹95,518 थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स पर जून वायदा सोना $70 की कमजोरी के साथ $3,274 प्रति आउंस पर ट्रेड कर रहा है। यह अपने ऑल टाइम हाई से लगभग $250 नीचे आ चुका है। गिरावट की वजह क्या है? सोने की यह गिरावट जियो-पॉलिटिकल स्थिरता की ओर बढ़ते संकेतों की वजह से है। अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार पर तनाव में कमी आई है। जिनेवा में दो दिन की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है, जिससे सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की मांग में गिरावट आई है। इसके अलावा भारतीय शेयर बाजारों में 3% की तेजी और विदेशी निवेशकों की वापसी ने भी सोने की मांग को कमजोर किया है। AT Global Markets के चीफ मार्केट एनालिस्ट निक ट्विडेल के अनुसार, अगर सेफ हेवन निवेश में और गिरावट आती है, तो सोने की कीमतें $3,100 प्रति आउंस तक आ सकती हैं। युद्ध विराम और शांति वार्ता का भी असर भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में संघर्षविराम की घोषणा और अमेरिका के दबाव में यूक्रेन-रूस के बीच संभावित सीधी बातचीत ने भी बाजारों में सकारात्मक संकेत भेजे हैं। इन वैश्विक घटनाओं का असर सोने की मांग पर भी देखा जा रहा है।

Foreign News

ज़ेलेंस्की ने कहा- पुतिन से सीधी बातचीत को तैयार, गुरुवार को तुर्की में करेंगे इंतज़ार

कीव/इस्तांबुल – यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधी बातचीत की पेशकश करते हुए कहा है कि वह गुरुवार को तुर्की के इस्तांबुल में पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए तैयार हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि अब और जानें गंवाने का कोई मतलब नहीं है और युद्ध को समाप्त करने के लिए यह एक अहम अवसर हो सकता है। यह बयान ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस सुझाव के बाद दिया, जिसमें ट्रंप ने यूक्रेन से रूस के साथ तुर्की में सीधी बातचीत को स्वीकार करने की अपील की थी। बातचीत की शर्त- पहले सीज़फ़ायर ज़ेलेंस्की ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन, रूस से बातचीत को तभी तैयार है जब पहले संघर्षविराम (सीज़फ़ायर) लागू हो। उन्होंने लिखा, “मैं गुरुवार को इस्तांबुल में पुतिन का इंतज़ार करूंगा। खुद।” ट्रंप का दबाव और पुतिन का न्योता ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि बातचीत शुरू की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या कोई शांति समझौता संभव है या नहीं। उन्होंने कहा, “अगर समझौता नहीं हो सकता तो अमेरिका और यूरोप को अगली रणनीति के लिए स्पष्टता मिल जाएगी।” इससे पहले, शनिवार रात रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी यूक्रेन को “गंभीर बातचीत” के लिए आमंत्रित किया था। ग़ौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 से जारी है, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था। इस युद्ध में लाखों लोग विस्थापित हुए और हजारों की जान गई है।

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छत्तीसगढ़ में रायपुर के पास भयानक सड़क हादसा, छठी समारोह से लौट रहे 13 लोगों की मौत

रायपुर, छत्तीसगढ़ – रायपुर ज़िले के खरोरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। हादसा बंगोली गांव के पास हुआ, जब एक माजदा गाड़ी की टक्कर एक तेज़ रफ्तार ट्रेलर से हो गई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में मृतक सभी लोग छठी उत्सव (बच्चे के जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम) से लौट रहे थे। वे रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र के चटौद गांव के निवासी थे और बाना गांव से वापसी कर रहे थे। घायल अस्पताल में भर्ती जिलाधिकारी गौरव सिंह के अनुसार, दुर्घटना में एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। टक्कर इतनी तेज़ कि शव क्षत-विक्षत स्थानीय पुलिस के मुताबिक, टक्कर इतनी भयानक थी कि कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। हादसे के बाद रायपुर-खरोरा मार्ग पर यातायात देर रात तक बाधित रहा। राहत और बचाव कार्यों में पुलिस और जिला प्रशासन जुटा रहा।

Business

भारत-पाकिस्तान सीज़फ़ायर के बाद शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त उछाल, सेंसेक्स 2300 और निफ़्टी 700 अंक चढ़ा

भारत और पाकिस्तान के बीच घोषित संघर्षविराम (सीज़फ़ायर) के बाद भारतीय शेयर बाज़ारों में सोमवार को ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला। सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में 2300 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ़्टी लगभग 700 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। निवेशकों में लौटा भरोसा बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, सीज़फायर की घोषणा के बाद निवेशकों का विश्वास दोबारा मजबूत हुआ है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की भी भारतीय बाज़ारों में वापसी हो रही है। पिछले 15 दिनों के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार निवेश बढ़ाया है। कौन-कौन से स्टॉक्स चमके सेंसेक्स की 30 में से 28 कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखी गई, जिनमें बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयर प्रमुख रहे। सिर्फ इंडसइंड बैंक और सनफार्मा के स्टॉक्स में गिरावट रही। वैश्विक कारण भी अहम बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम के अलावा चीन और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में प्रगति का भी बाज़ारों पर सकारात्मक असर पड़ा है।

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